इन्तज़ार है मुझे उस दिन का

जिस दिन मेरा देश आज़ाद हो जाएगा

अंग्रेज़ गये थे छोड़ कर जब

उस दिन मेरा देश आज़ाद कहलाया था

लेकिन मुझे इन्तज़ार है उस दिन का

जिस दिन मेरा देश आज़ाद हो जाएगा।

दलालों से भरी सरकारें हैं

औरतों पर ज़ुल्म ढेर सारे हैं

मंत्री हमारे भ्रष्ट कयी सारे हैं

फिर भी आज़ाद भारत के नागरिक कहला रहे हैं

मुझे इन्तज़ार है उस दिन का

जिस दिन हर व्यक्ति भारतीय कहलाएगा

मुझे इन्तज़ार है उस दिन का

जिस दिन न कोई हिन्दू मस्जिद तोड़ेगा

न कोई मुसलमान मंदिर तुड़वाएगा

और न कोई RSS वाला भगवां लहराएगा

मुझे इन्तज़ार है उस दिन का

जिस दिन हर व्यक्ति लिए हाथ में तिरंगा

खुद को भारतीय बताएगा

मुझे इन्तज़ार है उस दिन का

जिस दिन हर व्यक्ति लिए हाथ में तिरंगा

खुद को भारतीय बताएगा।।

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।।इन्तज़ार।।
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Sadah

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