पिछले कुछ सालों में 

बहुत बदल गयी है ज़िंदगी

और इस ज़िंदगी के साथ

 बदल गयी है तू भी

पहले तू हँसती थी

मुस्कुराती थी

और गाती भी थी।।।

तू अब भी हँसती है

लेकिन वो हँसी अब कुछ दबी दबी सी लगती है

तू अब भी मुस्कुराती है

लेकिन कोई तो ऐसा दर्द है जिसे तू छुपाती है

तू अब भी सुरीला बेहद गाती है

लेकिन शायद कुछ बात है जो तू गाकर मुझे बताती है

मैं समझ नहीं पाता हूँ

तू समझा नहीं पाती है

क्या बात है ऐसी

जो तू मुझे बताना चाहती है

लेकिन बता नहीं पाती है

क्यूँ तू आजकल यूँ डरी डरी सी रहती है?

क्यूँ तू उन लोगों की बातों में आती है?

क्यूँ तू उन लोगों की बातें सुनकर खुद को तड़पाती है?

क्यूँ तू सुन इन लोगों की बातें हर रोज़ घुट घुट कर मर जाती है?

क्यूँ नहीं तू पहले की तरह अब बेपरवाह रहती है?

क्यूँ नहीं तू पहले की तरह अब मुस्कुराती है?

क्यूँ तू आजकल यूँ डरी डरी सी रहती है?
क्यूँ तू आजकल यूँ डरी डरी सी रहती है?

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पहले की तरह।
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Sadah

Sadah


Totally unprofessional; Trying to figure out what writing is all about; I am just a name.


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