तू साथ रहे या ना रहे
मैं यही चाहता हूं कि तू खुश रहे
तू मुझसे प्यार करे या ना करे
बस कोई तुझसे बेपनाह इश्क़ ज़रूर करे
तू मुझे चाहे भुला भी क्यूं ना दे
लेकिन कोई हो जो हर दम तुझे याद करे
तू चाहे मुझसे बात ना करे
लेकिन कोई हो जो तेरी हर बात सुने
तू मुझे देखकर भले ही नजर फेर ले
लेकिन तेरे साथ कभी कोई ऐसा ना करे
तू जहां भी रहे खुश रहे
तेरी कोई ख्वाहिश ना अधूरी हो उनमें से चाहे एक है मुझे भूलाने की लेकिन खुदा करे कि वो भी पूरी हो
तू जो मांगे
वो तेरा हो
और मुझे याद करना ज़रूर
अगर कभी तुझे मेरी ज़रूरत हो तेरी हर ख्वाहिश पूरी करना ही मेरा मकसद है तेरा इश्क़ ही मेरे लिए हर जन्नत हर सरहद है बस यही कहूंगा तुझसे
की मैंने इश्क़ ऐसा किया है तुझे मुझसे कोई छीन पाएगा नहीं और तेरी जगह मेरे दिल में कभी कोई ले पाएगा नहीं।

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इश्क
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