हमारी ज़िन्दगी में ख्वाबों की अलग अलग जगह होती है

इन्हीं ख्वाबों से तो कुछ पाने की ख्वाहिशें होती है

इन ख्वाबों को पाने के लिए ही तो हमारी दुनिया से भी जंग होती है

उमर के हर पड़ाव पर बदलते हैं रूप इं ख्वाबों के

बचपन में जिसे बनना था पायलट, जवानी में उसे ही अच्छी नौकरी की तलाश होती है

पर इस भीड़ में भी जो है पा लेता अपने सपनों को

उनकी भी अपनी इक अलग कहानी होती है

हम तो बस मुसाफिर हैं जो जी रहे हैं ज़िन्दगी धक्के खा खा कर

पर हमारे ख्वाबों की परछाईं हमेशा हमारे साथ होती है

ये ख्वाब ही तो हैं जो दे जाते हैं ज़िन्दगी का मकसद हमें

यही तो है वो एक चीज, जिसे हम जब चाहें बदल सकते हैं।

#keepdreaming

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ख्वाब
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2 thoughts on “ख्वाब

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