दोपहर 12 बजे यह मुरम्म्त का कार्य शुरू हुआ और 2 बजे पुल से वाहनों का आवाजाही के लिए खोल दिया गया। पुल की प्लेटों के नटों सहित उन्हें सीधा करने का कार्य किया जा रहा है।
गौर रहे कि दिसंबर माह में ही पुल का नव निर्माण किया गया था। लेकिन इतनी जल्दी नट बोल्ट का टूटना और पुल की मुरम्म्त होना लोगों के बीच में चर्चा का विषय बन गया है। वही, भुंतर के स्थानीय लोग पुल निर्माण के दौरान घटिया सामग्री प्रयोग में लाने की भी आशंका जता रहे है। हालांकि विभाग पुल के उपर भारी वाहनों का दबाव पडना उसका कारण बता रहा है। लेकिन इतनी जल्दी पुल की हालत खराब होने से लोगों में रोष फैल गया है। भुंतर के स्थानीय ग्रामीण सोनू ठाकुर, हरीश शर्मा, केवल राम, राम लाल, संदीप ने बताया कि प्रशासन को इस पुल बनने के साथ ही दूसरे पुल का भी निर्माण कार्य शुरू कर देना चाहिए था ताकि अगर इस पुल को कुछ होता है तो लोगों को दूसरे पुल से सुविधा मिल सकती थी।
अब लोगों को पारला भुंतर जाने के लिए वाया बजौरा होकर आना पड रहा है। जिस कारण उनका 1 किलोमीटर का सफर 15 किलोमीटर में तब्दील हो गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि पुल की मुरम्मत के दौरान इसमें गुणवता युक्त् सामग्री का इस्तेमाल किया जाए ताकि लोगों को दोबारा परेशानी न झेलनी पडें।

Follow us:
जिला कुल्लू के भुंतर में मणिकर्ण, गडसा घाटी को भुंतर से जोडने वाले वैली ब्रिज की मुरम्मत का कार्य नैशनल हाईवे अथारिटी द्वारा शुरू कर दिया गया है।
Share:

Post navigation


Leave a Reply

Your email address will not be published.