“इश्क”, ‘एकतरफा वाला’

“इश्क की दुनिया में महफूज सा हो गया हूँ, इस दुनिया की चकाचौंध में मशगूल सा हो गया हूँ, खुदा ना खास्ता मुलाकात हो गई तन्हाई से, फीके फीके लफ्जों से बयां किया इश्क उसने।”   _____(1) “सुबह का सच होने

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“तेरे वादे”

“कभी मैं तुम्हें उस चाँद की चाँदनी में ढूंढने की कोशिश करता हूँ, कभी उस डूबते सूरज की लालिमा में ढूंढने की कोशिश करता हूँ। वहाँ नहीं दिखती हो, तो अपने बगीचे के खुशबूदार फूलों में खोजने लगता हूँ, फिर

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