।।तमन्ना।।

मैं तो बैठा कुछ सोच रहा था दुनिया के रंग देख रहा था डूबा अपने ख्यालों में इक अलग जहाऩ संजो रहा था। उन्हें मेरे एक तरफ अमीरी खड़ी दिख रही थी दूसरी तरफ उन्हें गरीबी झुकी दिख रही थी

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