॥तक़दीर॥

उसके सिवा मेरा कोई नहीं ये बात मैं उसे समझाता रहा लड़ती भी वो थी रूठती भी वही मैं हाथ जोड़ जोड़ उसे मनाता रहा पता नहीं कैसे वो भूल गयी मुझे जिसे उस ख़ुदा से ज़्यादा मैं चाहता रहा।

Read more

।।मौसम।।

सर्दियों के इस मौसम में सुबह उठकर जब मैं अपने घर की खिड़की से बाहर देखता हूँ चारों ओर बिछी सफेदी की चादर मैं देखता हूँ लोगों के चहरों पर अलग सी इक खुशी मैं देखता हूँ। सर्दियों के इस

Read more